भोपाल साइबर पुलिस द्वारा साइबर जागरूकता लगातार जारी है इसी क्रम में चिरायु यूनिवर्सिटी में 800 के लगभग संख्या में डॉक्टर और फैकल्टी का साइबर हाइजीन पर एक कार्यक्रम आयोजित हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री शैलेन्द्र सिंह चौहान एडिशनल डीसीपी साइबर और क्राइम ब्रांच ने मेडिकल स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल युग में जहां हर व्यक्ति इंटरनेट और तकनीक का उपयोग कर रहा है, वहां साइबर हाइजीन का महत्व अत्यंत बढ़ गया है। साइबर हाइजीन का अर्थ है—अपने कंप्यूटर, मोबाइल, नेटवर्क और ऑनलाइन खातों की सुरक्षा के लिए अपनाई जाने वाली नियमित सावधानियाँ। जैसे व्यक्तिगत स्वच्छता हमारे शरीर को बीमारियों से बचाती है, वैसे ही साइबर हाइजीन हमारे डेटा, गोपनीय जानकारी और डिजिटल पहचान को साइबर हमलों से बचाती है।

शैलेन्द्र सिंह चौहान
एडिशनल डीसीपी साइबर और क्राइम ब्रांच ने बताया कि साइबर हाइजीन के अंतर्गत कुछ बुनियादी उपाय शामिल हैं मजबूत पासवर्ड बनाना, दो-स्तरीय प्रमाणीकरण (2FA) सक्षम करना, सिस्टम और सॉफ्टवेयर को अपडेट रखना, एंटीवायरस का उपयोग करना, संदिग्ध लिंक या ईमेल पर क्लिक न करना और नियमित डेटा बैकअप लेना। इसके अलावा सार्वजनिक वाई-फाई से संवेदनशील कार्य न करना और सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा करने में सावधानी बरतना भी आवश्यक है।

एडिशनल डीसीपी साइबर और क्राइम ब्रांच शैलेन्द्र सिंह चौहान ने कहा कि यदि लोग इन सुरक्षा आदतों का पालन करें तो न केवल उनकी व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रहेगी बल्कि साइबर अपराधों की संभावना भी काफी कम हो जाएगी। साइबर हाइजीन को दैनिक आदत बनाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। यह डिजिटल जीवन में स्वच्छता और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित करता है। इस प्रकार, साइबर हाइजीन “स्मार्ट टेक्नोलॉजी के साथ समझदारी भरा व्यवहार” कहलाता है।

You cannot copy content of this page

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com